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Babulal Jat @ Babu Barala S/O Shri Arjun Lal Jat vs. State Of Rajasthan

Final Order
Court:High Court of Rajasthan, Jaipur
Judge:Hon'ble Vinod Kumar Bharwani
Case Status:Disposed
Order Date:25 Apr 2023
CNR:RJHC020273942023

AI Summary

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Order Issued After Hearing

Purpose:

Disposed

Before:

Hon'ble Vinod Kumar Bharwani

Listed On:

25 Apr 2023

Order Text

HIGH COURT OF JUDICATURE FOR RAJASTHAN BENCH AT JAIPUR

S.B. Criminal Miscellaneous Bail Application No. 3970/2023

Babulal Jat @ Babu Barala S/o Shri Arjun Lal Jat, Aged About 27 Years, R/o Village Ibrahimabad, Police Station Peeplu, District Tonk (At Present Accused Petitioner Confined In Central Jail Bassi)

----Petitioner

Versus

State Of Rajasthan, Through P.P.

----Respondent

Connected With

S.B. Criminal Miscellaneous Bail Application No. 4511/2023

Kamlesh Sharma S/o Shri Gopal Lal Sharma, Aged About 32 Years, Resident Of 59, Kalyug Ki Dhani, Kanak Vihar, Kesupura, Police Station Bhankrota, Jaipur (At Present Confined In Central Jail Jaipur)

----Petitioner

Versus

State Of Rajasthan, Through P.P.

----Respondent

For Petitioner(s):Mr. Shrawan Gupta on behalf of<br>Mr. Nawab Ali Rathore.<br>Mr. Vijendra Yadav on behalf of<br>Mr. Anil Kumar Yadav.
For Respondent(s):Mr. C.G. Chopra, P.P.<br>Mr. Amitabh Vijaywargia

HON'BLE MR. JUSTICE VINOD KUMAR BHARWANI

Order

25/04/2023

izkFkhZ@vfHk;qDrx.k ckc wyky tkV ,oa deys'k 'kekZ dh vksj ls v/khuLFk U;k;ky; }kjk ikfjr vk{ksfir vkns"k fnuk ad 31-03-2023 ds fo:) nks iFkd&iFkd tekur izkFkZuk i= n.M izfdz;k lafgrk dh /kkjk 439 ds vUrxZr iqfyl Fkkuk dkuksrk] t;iqj 'kgj iwoZ es a ntZ izFke lwpuk fjiksVZ

किये गये हैं। प्रस्तुत दोनों जमानत आवेदन पत्र एक ही प्रथम सूचना रिपोर्ट से संबंधित होने के कारण इनका निस्तारण एक ही आदेश द्वारा किया जा रहा है ।

बहस सुनी गई।

योग्य अधिवक्ता प्रार्थी / अभियुक्तगण का तर्क है कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है, वे निर्दोष हैं। प्रार्थी / अभियुक्तगण दिनांक 13.03.2023 से अभिरक्षा में है। प्रकरण की प्रथम सूचना रिपोर्ट ढाई माह के विलम्ब से दर्ज कराई गई है, जिसका युक्तियुक्त कारण भी स्पष्ट नहीं किया गया है। मामले की अन्वीक्षा में समय लगेगा। अतः प्रार्थी / अभियुक्तगण को जमानत पर रिहा किए जाने का निवेदन किया गया।

विद्वान लोक अभियोजक एवं योग्य अधिवक्ता परिवादी ने प्रार्थना पत्र का विरोध किया एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए प्रार्थना पत्र खारिज किए जाने का निवेदन किया गया।

हमने दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत तर्कों, वितर्कों पर मनन किया। प्रार्थी / अभियुक्तगण दिनांक 13.03.2023 से अभिरक्षा में है। प्रकरण की अन्वीक्षा में समय लगने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

अतः दोनों पक्षों के अधिवक्तागण द्वारा रखे गए तर्कों, प्रकरण की तथ्यात्मक स्थिति, प्रार्थी / अभियुक्तगण की अभिरक्षा अवधि, अन्वीक्षा में लगने वाले समय एवं अन्य परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, प्रकरण के गुणावगुण पर कोई अंतिम राय व्यक्त किए बिना प्रार्थी / अभियुक्तगण को जमानत की सुविधा दिया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है।

परिणामतः प्रार्थी / अभियुक्तगण की ओर से प्रस्तुत उक्त तीनों जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाते हैं और आदेश दिया जाता है कि यदि प्रत्येक इस मामले में विद्वान विचारण न्यायालय के संतोषप्रद अभियूक्त 50,000 / —रूपए (अक्षरे पचास हजार रूपये) का व्यक्तिगत बंधपत्र व 25,000–25,000 / – रूपए (अक्षरे पच्चीस–पच्चीस हजार रूपए) की दो सुदृढ़ एवं विश्वसनीय प्रतिभूतियां इस आशय की प्रस्तुत कर दें कि वे प्रकरण

के विचारण के दौरान विचारण न्यायालय के समक्ष प्रत्येक तारीख पेशी पर उपस्थित होते रहेंगे तो प्रार्थी / अभियुक्तगण 1. बाबूलाल जाट उर्फ बाबू बराला पुत्र श्री अर्जुन लाल एवं 2. कमलेश शर्मा पुत्र श्री गोपाल लाल शर्मा (यदि वे अन्य किसी प्रकरण में वांछित न हों तो) अविलम्ब जमानत पर रिहा कर दिया जावे।

(VINOD KUMAR BHARWANI),J

AD/143-144

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